
रायपुर में 15 लाख की फर्जी लूट का पर्दाफाश, पीड़ित ही निकला आरोपी
रायपुर(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7)। थाना पंडरी पुलिस ने लाखों रुपये की कथित लूट की गुत्थी सुलझाते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस व्यक्ति ने खुद को लूट का शिकार बताया था, वही इस साजिश का मास्टरमाइंड निकला। आरोपी चिराग जैन (27), निवासी वालफोर्ट वुड्स, थाना विधानसभा, ने एमसीएक्स (MCX) में हुए भारी नुकसान और उड़ीसा के एक व्यापारी का कर्ज चुकाने से बचने के लिए 15 लाख रुपये गायब कर फर्जी लूट की कहानी गढ़ी थी।
घटना का नाटक
11 अगस्त को चिराग जैन ने थाना पंडरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पिता के नाम पंजीकृत “श्री रॉकड्रिल्स” और अपने नाम की “श्री इंटरप्राइजेस” फर्म का संचालन करता है, जहां हर माह 20-25 लाख रुपये का लेनदेन होता है। उसके अनुसार, 5 से 8 अगस्त के बीच हुई खरीदी-बिक्री की रकम 15 लाख रुपये उसने कार्यालय की अलमारी में रखी थी, जिसे 11 अगस्त की सुबह बैंक में जमा करने निकला।
चिराग ने दावा किया कि कांपा रेलवे फाटक के पास काले रंग की बाइक पर आए तीन बदमाशों ने उसकी कार रोक ली। दो बदमाश कार में घुस आए, धारदार हथियार से धमकाकर उसका मोबाइल फेंक दिया, उसकी उंगलियों से अंगूठियां और कैश से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। उसने यहां तक बताया कि बाइक के काले नंबर प्लेट पर “BOSS” लिखा था।
पुलिस जांच में खुला राज
पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और थाना पंडरी टीम के साथ जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन कहीं भी घटना होती नहीं दिखी। स्थानीय लोगों से पूछताछ में भी किसी ने लूट की पुष्टि नहीं की।
बार-बार बयान बदलने और तकनीकी साक्ष्यों में अंतर मिलने पर पुलिस का शक गहरा गया। कड़ी पूछताछ में आखिरकार चिराग ने स्वीकार किया कि लूट की पूरी कहानी मनगढ़ंत थी। उसने खुद ही रकम और अंगूठियां छिपा दी थीं, ताकि नुकसान और कर्ज से बच सके।
बरामदगी और कार्रवाई
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 15 लाख रुपये नकद, तीन छोटी अंगूठियां और एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया। चिराग जैन के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस खुलासे में एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और थाना पंडरी पुलिस टीम की सतर्कता, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण और गहन पूछताछ अहम साबित हुई।

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




