
तखतपुर में सरकारी आवास गायब! कागजों में लाखों खर्च, जमीन पर सिर्फ अधूरा ढांचा
तखतपुर(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7) नगर पालिका तखतपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अधिकारियों के लिए दो सरकारी आवास निर्माण की योजना बनाई गई थी, लेकिन हकीकत में केवल एक ही भवन नजर आ रहा है। दूसरे आवास का न तो कोई ढांचा है, न दीवार, न छत—बल्कि वहां तो खाली मैदान ही दिखाई देता है। बावजूद इसके कागजों में लाखों रुपये खर्च होना दर्ज है। इस खुलासे ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक नगर पालिका ने सीएमओ और इंजीनियर के लिए दो आवासों का निर्माण अपनी आरक्षित भूमि पर शुरू करवाया था। एक भवन अधूरा निर्माण की स्थिति में मौजूद है, लेकिन दूसरा भवन रहस्यमय तरीके से “गायब” हो गया है। फाइलों में बजट पास, कार्यादेश और ठेकेदार का नाम तक दर्ज है, मगर मौके पर भवन की परछाई तक नहीं है।
नगर पालिका अधिकारी और इंजीनियर अब जगह-जगह छानबीन कर रहे हैं कि आखिर सरकारी धन से बनने वाला यह भवन गया तो कहां? यह लापरवाही है या फिर सीधी-सीधी धन की हेराफेरी—यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
सीएमओ का बयान
मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमरेश सिंह ने कहा, “मेरी ज्वाइनिंग 31 दिसंबर को हुई है। मेरे आने से पहले एक आवास पीछे बना हुआ है और सामने अधूरा निर्माण दिख रहा है। कर्मचारियों से जानकारी मिली कि उस पर कोर्ट का स्टे है, लेकिन उससे संबंधित फाइल कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। मैं दस्तावेजों का अवलोकन करूंगा। यदि किसी ने शासकीय आवास को नुकसान पहुंचाया होगा, तो दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होगी।”
यह मामला अब तखतपुर में चर्चा का विषय बन चुका है। सरकारी भवन का इस तरह “गायब” होना न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि आखिर शासकीय धन का हिसाब कहां है?
👉 बड़ा सवाल यही है—सरकारी फाइलों में बना दूसरा आवास जमीनी हकीकत से क्यों गायब है?

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




