
बिलासपुर: यूनिटी हॉस्पिटल में लापरवाही, नर्सिंग छात्रा की मौत पर भड़के छात्र
बिलासपुर(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7) यूनिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान कथित रूप से हुई लापरवाही के कारण बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष की छात्रा किरण वर्मा की मृत्यु हो गई। इस घटना के विरोध में गुरुवार, 20 मार्च 2025 को मृतक छात्रा के परिजनों और नर्सिंग छात्रों ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई और यूनिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
इलाज में लापरवाही के आरोप
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने बताया कि किरण वर्मा को 7 मार्च को गले में थायरॉइड की 1 सेंटीमीटर की गांठ के इलाज के लिए यूनिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने कहा था कि सर्जरी के बाद 24 घंटे में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
छात्राओं का आरोप है कि भर्ती के बाद किरण को लगातार तीन दिनों तक होश नहीं आया, लेकिन डॉक्टरों ने इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। जब परिवार और साथी छात्राओं ने अस्पताल से जवाब मांगा, तो उन्हें गुमराह किया गया।
फर्जी दस्तावेज का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हॉस्पिटल की रिपोर्ट में भर्ती की तारीख 7 मार्च के बजाय 27 फरवरी दर्ज की गई, जिससे अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही और संभावित हेरफेर का संकेत मिलता है।
छात्राओं ने हॉस्पिटल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टर डॉ. अंकित ठकराल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन के दौरान छात्राओं और मृतका के परिजनों ने प्रशासन से हॉस्पिटल प्रबंधन और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
इस घटना ने पूरे शहर में रोष पैदा कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर एक नर्सिंग छात्रा के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम मरीजों का क्या हाल होगा?
प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, यह देखना बाकी है, लेकिन मृतका के परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और तेज होगा।
घटना को गंभीरतापूर्वक लेते हुए सिविल सर्जन ने तीन सदस्यीय जांच समिति का किया गठन
घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में एक महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) और दो मेडिकल ऑफिसर शामिल हैं। समिति पूरे मामले की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपेगी।

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




