
कोरबा जिले में पंचायत सचिवों की हड़ताल से ग्रामीण प्रशासन ठप, आम जनता परेशान
कोरबा(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7) जिले के पांचों ब्लॉकों में पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को चौथे दिन भी जारी रही। सचिवों के कार्य बहिष्कार के चलते ग्रामीण प्रशासन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया रुकने से आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कामकाज ठप
पंचायत सचिवों की हड़ताल के चलते मनरेगा के तहत मजदूरी भुगतान अटका हुआ है, जिससे श्रमिकों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों की सूची अपडेट नहीं हो पा रही है, जिससे कई ग्रामीणों को अपना घर पाने में देरी हो रही है। पंचायतों में कर वसूली और अन्य राजस्व संबंधित कार्य भी पूरी तरह बंद हो गए हैं।
ग्रामीणों को हो रही भारी परेशानियां
गांवों में रहने वाले लोग अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकने को मजबूर हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र न मिलने के कारण कई परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जारी न होने से छात्रवृत्ति एवं अन्य सरकारी सहायता योजनाओं में लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
सचिव संघ का ऐलान – मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
पंचायत सचिव संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। उनका मुख्य मांग शासकीयकरण (सरकारी कर्मचारी का दर्जा) है, ताकि उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके। उनका कहना है कि वे पंचायत प्रशासन की रीढ़ हैं और जब तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रशासन ने दिए नोटिस, लेकिन सचिव अडिग
प्रशासन ने पंचायत सचिवों को हड़ताल समाप्त कर कार्य पर लौटने के लिए नोटिस जारी किया है, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। सचिव संघ ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।
सरकार ने दिया आश्वासन, समाधान के लिए हो रहा विचार-विमर्श
इस बीच, सरकार ने आश्वासन दिया है कि पंचायत सचिवों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही कोई समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, सचिव संघ का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।
गांवों में प्रशासन ठप, सरकार को जल्द करना होगा समाधान
गांवों में सचिवों के बिना पंचायतों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की क्रियान्वयन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ठोस निर्णय लेना होगा, ताकि गांवों में प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चल सके और आम जनता को राहत मिल सके।

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




