
भैसामुड़ा में रेत माफियाओं का आतंक: प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रहा अवैध खनन
कोरबा(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7) (भैसामुड़ा): हसदेव नदी से सटे भैसामुड़ा गांव में अवैध रेत खनन अपने चरम पर है। रॉयल्टी खत्म होने के बावजूद, रेत माफिया बेखौफ होकर खनन कर रहे हैं, और प्रशासन की उदासीनता ने उनकी हिम्मत और बढ़ा दी है।
शराब के नशे में मदहोश चालक, धमकी और गाली-गलौच
आज जब रेत से भरे ट्रैक्टरों को देखा गया, तो उनके चालक और साथी शराब के नशे में धुत मिले। जब उनसे पूछताछ की गई, तो उन्होंने न केवल जानकारी देने से इनकार किया, बल्कि गाली-गलौच और धमकी देने लगे। उन्होंने खुलेआम कहा—
“जो करना है कर लो, फोटो ले लो, जहां जाना है जाओ।”
इससे स्पष्ट है कि अवैध खनन में संलिप्त लोग पूरी तरह से बेखौफ हो चुके हैं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
भैसामुड़ा में पिछले 10 दिनों से रॉयल्टी खत्म हो चुकी है, फिर भी अवैध खनन लगातार जारी है। इस अवैध गतिविधि पर न तो पुलिस कोई सख्त कदम उठा रही है, न ही खनिज विभाग सक्रिय नजर आ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी आंखें मूंदे हुए हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि वे अपने निजी स्वार्थ में लिप्त हैं।
क्या प्रशासन वाकई रेत माफियाओं के आगे बेबस है?
ऐसे हालात में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन और पुलिस सच में माफियाओं के आगे नतमस्तक हो चुकी है? अगर नहीं, तो फिर इतनी बड़ी अवैध गतिविधि पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही क्यों नहीं हुई?
खनिज विभाग और पुलिस से त्वरित कार्यवाही की मांग
स्थानीय ग्रामीणों की मांग है कि—
- रेत माफियाओं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
- अवैध खनन में शामिल ट्रैक्टरों को जब्त किया जाए।
- शराब के नशे में वाहन चलाने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच हो।
अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साफ हो जाएगा कि प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से ही यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




