
कोरबा की सड़कों की बदहाली: ‘ऊर्जा नगरी’ बनती जा रही है ‘गड्ढों की नगरी’
कोरबा(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7)
कोरबा जिले के मानिकपुर खदान क्षेत्र में इन दिनों सड़कों की बदहाल स्थिति आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। कभी ऊर्जा नगरी के नाम से प्रसिद्ध यह शहर अब गड्ढों और धूल-कीचड़ के लिए जाना जा रहा है। बंद पड़ी मानिकपुर खदान में अब अन्य खदानों से निकलने वाला राखड़ डंप किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है।
गौ माता चौक के पास की सड़क तो मानो खस्ताहाल का प्रतीक बन चुकी है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ की वजह से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सूखे दिनों में यही रास्ता धूल के गुबार में तब्दील हो जाता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत तो कराई जाती है, लेकिन वह कुछ ही दिनों में फिर से पहले जैसी स्थिति में पहुंच जाती है। शासन-प्रशासन द्वारा समय-समय पर पानी का छिड़काव तो कराया जाता है, लेकिन यह कार्य नियमित रूप से नहीं किया जाता, जिससे समस्या जस की तस बनी रहती है।
क्या यही है विकास और सुशासन का चेहरा?
लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यही है प्रदेश का विकास मॉडल? क्या जनता सिर्फ परेशानियां झेलने के लिए ही है? यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वह दिन दूर नहीं जब कोरबा को ‘ऊर्जा नगरी’ की बजाय ‘गड्ढों की नगरी’ कहा जाएगा।
स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों ने शासन और प्रशासन से अपील की है कि इस गम्भीर समस्या को तत्काल संज्ञान में लिया जाए और स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। सिर्फ आश्वासन और अस्थायी मरम्मत से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता।

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7






