
बरपाली शराब दुकान विवाद: ग्रामसभा में मारपीट का मामला, FIR और बयानों में विरोधाभास
कोरबा(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7) बरपाली गांव स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। यह मामला 20 अगस्त 2025 से लगातार गरमाया हुआ है। 22 अगस्त को ग्रामसभा बुलाई गई थी, जिसमें अहाता सेंटर संचालक राजेश शर्मा और खत्री परिवार भी उपस्थित हुए थे। वे अपना पक्ष रख ही रहे थे तभी बद्री यादव जो सभा को सम्हाल रहे थे उसके द्वारा कहा गया कि बाहरी आदमी हो गांव छोड़ कर चले जाओ तभी प्रकाश दास महंत उर्फ पड़की और उसके साथियों द्वारा सभा में हंगामा और मारपीट की घटना सामने आई।
घटनाक्रम
ग्रामसभा में हुए इस विवाद के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। आरोप है कि सभा के दौरान प्रकाश दास महंत ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजेश शर्मा और खत्री परिवार पर हमला कर दिया। वहीं, 25 अगस्त को प्रकाश दास महंत उर्फ पड़की उप सरपंच राजू यादव, सरपंच भुनेश्वर बिंझवार, जनपद सदस्य पति राकेश यादव और कुछ ग्रामीणों के साथ उरगा थाना पहुंचे और राजेश शर्मा व खत्री परिवार के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
FIR में लिखा गया कि ग्रामसभा में खत्री परिवार और राजेश शर्मा द्वारा धमकी दी गई थी। लेकिन खत्री परिवार का कहना है कि ऐसा कुछ भी उस सभा में नहीं हुआ। उनका आरोप है कि प्रकाश दास महंत और उसके साथियों ने पहले से साज़िश रचकर सभा में हमला किया।
बयानबाजी में विरोधाभास
इस घटना के बाद जब पत्रकारों ने पक्षकारों से बातचीत की, तो बयानों में बड़ा विरोधाभास सामने आया।
उप सरपंच राजू यादव द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन में एक बात लिखी गई, जबकि पत्रकारों के सामने दिया गया बयान उससे अलग था।
पुलिस के लिए चुनौती
FIR और सार्वजनिक बयानों में आए विरोधाभास के बाद अब उरगा थाना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है कि वह तथ्यात्मक जांच करे और सच्चाई सामने लाए। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है ताकि निर्दोष लोगों को बदनाम न किया जा सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
बरपाली गांव का यह विवाद सिर्फ शराब दुकान तक सीमित न रहकर अब सामाजिक और राजनीतिक रंग ले चुका है। लगातार बदलते बयान और झूठे आरोप-प्रत्यारोप से माहौल और भी बिगड़ रहा है। ऐसे पुलिस को निष्पक्ष हो कर कार्यवाही करनी चाहिए

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




