
कोरबा कलेक्टर पर ननकीराम कंवर का बड़ा हमला, तीन दिन में तबादले की मांग – धरने की दी चेतावनी

कोरबा(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7) प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व गृहमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंवर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कलेक्टर को तत्काल हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन के भीतर कलेक्टर का तबादला नहीं किया गया तो वे शासन-प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठेंगे।
ननकीराम कंवर का आरोप है कि कलेक्टर अजीत बसंत “हिटलर प्रशासक” की तरह काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ सैकड़ों भ्रष्टाचार के मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर उनके समर्थकों पर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं।
पूर्व गृहमंत्री ने कलेक्टर पर डीएमएफ की राशि में गड़बड़ी और 40 हजार स्व सहायता समूह की महिलाओं से अरबों रुपये की ठगी के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही मालगांव और रलिया में करोड़ों रुपये का फर्जी मुआवजा बांटने का मामला भी उठाया है। कंवर का कहना है कि कलेक्टर को सरकार का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने अपनी शिकायत की प्रतियां मुख्य सचिव, डीजीपी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव और महामंत्री (संगठन) पवन साय को भी भेजी हैं।
पुराना विवाद भी आया सामने
गौरतलब है कि कलेक्टर अजीत बसंत और ननकीराम कंवर के बीच यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी एक फेसबुक पोस्ट को लेकर मामला सुर्खियों में आया था। कलेक्टर ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को नोटिस जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि पोस्ट से शासन और प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है और सामाजिक विद्वेष फैलाने की कोशिश है। उस पोस्ट में राज्यपाल के बगल में कलेक्टर बैठे थे जबकि वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर खड़े दिखाई दे रहे थे। इस पर कंवर ने कलेक्टर के व्यवहार को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी और कहा था कि कोरबा के लिए बहुत गलत व्यक्ति कलेक्टर बना है।
👉 अब एक बार फिर से ननकीराम कंवर और कलेक्टर अजीत बसंत आमने-सामने आ गए हैं, जिससे कोरबा की राजनीति गर्मा गई है।

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




