
हसदेव आरती राजनीति की भेंट चढ़ी, हिंदू क्रांति सेना ने रद्द किया कार्यक्रम
कोरबा(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7)5 नवंबर को प्रस्तावित हसदेव महाआरती इस वर्ष नहीं हो पाएगी। पिछले तीन वर्षों से निरंतर आयोजित होने वाला यह भव्य कार्यक्रम इस बार विवादों की भेंट चढ़ गया है। हिंदू क्रांति सेना ने प्रेसवार्ता कर घोषणा की कि विवादों और प्रशासनिक जटिलताओं को देखते हुए संगठन ने इस वर्ष कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया है।
हिंदू क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि देव दीपावली के अवसर पर मां सर्वमंगला मंदिर घाट और सामने स्थित रेत घाट (पुरानी बस्ती छठ घाट, कुदरा घाट) पर प्रतिवर्ष हसदेव महाआरती का आयोजन किया जाता रहा है। यही आयोजन कोरबा में सबसे पहले हिंदू क्रांति सेना ने शुरू किया था, जो अब क्षेत्र की धार्मिक परंपरा बन चुकी थी।
संगठन के अनुसार, इस वर्ष भी 5 नवंबर को हसदेव महाआरती की तैयारियां चल रही थीं। प्रारंभ में प्रशासन ने हिंदू क्रांति सेना को मां सर्वमंगला घाट पर आयोजन की अनुमति दी थी, जबकि नमामि हसदेव समिति को सामने वाले रेत घाट पर अनुमति प्रदान की गई थी। किंतु बाद में प्रशासन ने दोनों संगठनों को सर्वमंगला घाट का आधा-आधा हिस्सा बांटकर अनुमति दी।
हिंदू क्रांति सेना का कहना है कि इतने सीमित क्षेत्र में भव्य आयोजन संभव नहीं है, इसलिए संगठन ने कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय लिया है। संगठन ने यह भी संकेत दिया कि लगातार विवादों के कारण भविष्य में हसदेव महाआरती और हिंदू नववर्ष शोभायात्रा जैसे आयोजनों पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है।
संगठन ने कहा कि आगे की रणनीति और निर्णय आगामी बैठक में तय किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि — “यह कोरबा के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक व्यक्ति अथक प्रयासों से किसी धार्मिक आयोजन की परंपरा शुरू करे और जब वह लोकप्रिय हो जाए, तो कोई दूसरा समूह उसी स्थान पर कार्यक्रम करने की कोशिश करे। इससे शहरवासी उस भव्य आयोजन से वंचित रह जाएंगे, जिसका उन्हें हर वर्ष इंतजार रहता था।”

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




