
बरपाली-झीका मार्ग पर बजरी परिवहन से पुल को खतरा, नवरात्रि से पहले सुधार जरूरी
बरपाली(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7) बरपाली झीका मार्ग से लगी हसदेव नदी में रेत खनन का कार्य जोरों पर है, जिससे इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। लगातार भारी वाहनों के चलने से सड़क की स्थिति खराब हो रही है। विशेषकर, इस मार्ग पर स्थित छोटे नाले पर बने पुल को भारी नुकसान हो रहा है और उसके टूटने की आशंका बढ़ गई है।
इस मार्ग का उपयोग न केवल झीका गांव के लोग करते हैं, बल्कि यह माँ मड़वारानी मंदिर जाने का प्रमुख मार्ग भी है। यह सड़क चुहरी नामक स्थान से होते हुए झीका की ओर जाती है। आगामी 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व प्रारंभ हो रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु माँ मड़वारानी पहाड़ की ओर पैदल दर्शन के लिए जाते हैं। ऐसे में इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पुल और सड़क की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है, जिससे ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होगी।
प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि चैत्र नवरात्रि से पहले इस मार्ग की स्थिति सुधारने हेतु त्वरित कदम उठाए जाएं। यदि आवश्यक हो, तो भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि पुल को और अधिक क्षति न पहुंचे।

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




