
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी रिमांड पर चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
रायपुर(छत्तीसगढ़ टाइम्स 24×7) छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल इन दिनों ईडी की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर हैं। इसी बीच गुरुवार को पूर्व सीएम भूपेश बघेल अपने बेटे से मुलाकात करने रायपुर के सुभाष स्टेडियम स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी, चैतन्य की पत्नी, बेटियां और नाती भी मौजूद रहे।
कोर्ट ने 23 अगस्त तक भेजा रिमांड पर
सोमवार को चैतन्य की 14 दिन की न्यायिक रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। अदालत ने पहले उन्हें एक दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। इसके बाद ईडी ने कस्टोडियल रिमांड की मांग की, जिस पर विशेष अदालत ने 19 अगस्त को मंजूरी देते हुए चैतन्य को 23 अगस्त तक ईडी रिमांड पर भेज दिया। फिलहाल उनसे लगातार पूछताछ जारी है।
जन्मदिन के दिन हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने 21 जुलाई को जारी प्रेस नोट में बताया था कि चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई स्थित निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया। शराब घोटाले की जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस घोटाले से प्रदेश को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों तक पहुंची।
ईडी का दावा: 16.70 करोड़ रुपये चैतन्य को मिले
जांच एजेंसी के मुताबिक, चैतन्य बघेल को इस घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। उन्होंने इस नकदी को अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के माध्यम से मिलाया और प्रोजेक्ट विकास में लगाया। ईडी का कहना है कि चैतन्य ने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फर्जी खरीदी की आड़ में 5 करोड़ रुपये अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त किए।
1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि चैतन्य पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति (POC) को संभालने का आरोप है। इस रकम को कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष सहित बघेल परिवार के नजदीकी सहयोगियों तक पहुंचाने का काम किया गया।
पहले से गिरफ्तार कई बड़े चेहरे
इस मामले में ईडी पहले ही पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी और विधायक व पूर्व मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार कर चुकी है।
हाई कोर्ट में लगी याचिका
चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी और ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई। कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब मांगा है।
जेल अधीक्षक को निर्देश
चैतन्य के वकील ने कोर्ट में शिकायत की थी कि उन्हें जेल में पीने के लिए साफ पानी तक नहीं दिया जा रहा। इस पर अदालत ने जेल अधीक्षक को आवश्यक निर्देश जारी किए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

Cheaf Editor of Chhattisgarhtimes 24×7




